GSTR-9 aur GSTR-9C — Kise Bharna Hai, Late Fee aur Filing Guide (FY 2025-26)
साल भर GSTR-1 और GSTR-3B भरते रहे। अब साल का पूरा हिसाब एक जगह देना है — यही GSTR-9 है।
GSTR-9 / GSTR-9C
31 दिसंबर 2026
FY 2025-26 के लिए
दोनों की तारीख एक ही है
अच्छी बात यह है कि ज्यादातर छोटे कारोबारियों को यह भरना ही नहीं पड़ता। पहले यह देख लीजिए कि आप पर लागू है या नहीं।
Aap par lagu hai ya nahi?
सब कुछ आपके aggregate turnover पर टिका है — यानी एक ही PAN पर पूरे भारत में हुई कुल बिक्री, सभी GSTIN मिलाकर।
GSTR-9 भरना जरूरी नहीं है। चाहें तो स्वेच्छा से भर सकते हैं, लेकिन कोई बाध्यता नहीं।
यह छूट Notification 15/2025 – Central Tax (17 सितंबर 2025) से दी गई है, और यह FY 2024-25 के साथ-साथ FY 2025-26 पर भी लागू है। कई पुरानी guide में लिखा मिलता है कि यह limit हर साल अलग से तय होती है — इस बार दोबारा notification का इंतजार करने की जरूरत नहीं।
GSTR-9 भरना अनिवार्य है। GSTR-9C की जरूरत नहीं।
GSTR-9 के साथ GSTR-9C भी भरना होगा — यह आपके GST आँकड़ों और audited खातों का मिलान है।
Composition scheme वाले (उनके लिए GSTR-9A है), Input Service Distributor, casual taxable person, non-resident taxable person, Section 51 के TDS deductor और Section 52 के TCS collector — इनमें से कोई भी GSTR-9 नहीं भरता।
Composition scheme के बारे में और जानने के लिए: GST Composition Scheme लेनी चाहिए या नहीं
₹2 crore ka hisaab dhyan se lagayein
यहाँ एक बात कई लोग चूक जाते हैं। Turnover PAN के हिसाब से गिना जाता है, GSTIN के हिसाब से नहीं।
मान लीजिए आपकी दिल्ली में ₹1.2 करोड़ और हरियाणा में ₹1.1 करोड़ की बिक्री है। अलग-अलग देखें तो दोनों ₹2 करोड़ से कम हैं। लेकिन जोड़ने पर ₹2.3 करोड़ बनते हैं — यानी दोनों GSTIN के लिए अलग-अलग GSTR-9 भरना होगा।
Limit PAN पर तय होती है, लेकिन return हर GSTIN के लिए अलग भरना पड़ता है। यही नियम GSTR-9C की ₹5 करोड़ वाली limit पर भी लागू है।
Late fee: purani jaankari se bachiye
ज्यादातर पुरानी guide अब भी ₹200 प्रति दिन लिखती हैं। यह अब सही नहीं है।
Notification 07/2023 के बाद late fee turnover के हिसाब से तय होती है — छोटे कारोबारियों के लिए काफी कम:
| Turnover | Late fee प्रति दिन |
|---|---|
| ₹5 करोड़ तक | ₹50 (₹25 CGST + ₹25 SGST) |
| ₹5 – ₹20 करोड़ | ₹100 (₹50 + ₹50) |
| ₹20 करोड़ से ऊपर | ₹200 (₹100 + ₹100) |
हर slab पर एक अधिकतम सीमा भी तय है, जो आपके state turnover के एक तय प्रतिशत तक होती है। लेकिन ज्यादातर मामलों में fee उस सीमा तक पहुँचती ही नहीं — रोज का हिसाब ही असली रकम तय करता है।
IGST पर कोई late fee नहीं लगती। यह fee 1 जनवरी 2027 से रोज बढ़ने लगेगी, और filing के समय portal खुद जोड़ देता है।
GST की बाकी late fee का हिसाब लगाने के लिए: GST Late Fee Calculator
Bharne se pehle: teen milaan kar lijiye
GSTR-9 में ज्यादातर आँकड़े अपने आप भर जाते हैं। असली काम भरना नहीं, मिलान करना है। तीन जगह मिलान जरूरी है:
- GSTR-1 बनाम GSTR-3B — आपने जो बिक्री GSTR-1 में दिखाई और जो 3B में दिखाई, दोनों बराबर होनी चाहिए। फर्क होने पर notice आ सकता है।
- GSTR-2B बनाम ली गई ITC — आपने जितनी input tax credit ली, वह 2B में दिख रही होनी चाहिए।
- GST turnover बनाम ITR turnover — GST में दिखाई गई बिक्री और income tax return में दिखाई गई बिक्री मिलनी चाहिए। दोनों विभाग अब आपस में आँकड़े मिलाते हैं।
Auto-populated आँकड़ों को बिना जाँचे submit कर देना। GSTR-9 एक बार submit होने के बाद revise नहीं होता। कोई गलती रह गई तो उसे सुधारने का कोई रास्ता नहीं बचता।
Filing ka tarika
- gst.gov.in पर login कीजिए
- Services → Returns → Annual Return में जाइए
- Financial Year में 2025-26 चुनिए
- GSTR-9 की tile पर Prepare Online चुनिए
- Auto-populated आँकड़े ध्यान से देखिए और जहाँ जरूरी हो, सुधार कीजिए
- Compute Liability पर click कीजिए — late fee अपने आप जुड़ जाएगी
- DSC या EVC से file कीजिए
₹5 करोड़ से ऊपर वालों के लिए एक जरूरी बात: GSTR-9C तभी खुलता है जब GSTR-9 भर दिया जाए। इसलिए पहले GSTR-9, फिर 9C।
GSTR-9C ke baare mein
GSTR-9C आपके GSTR-9 के आँकड़ों और audited financial statements के बीच का मिलान है। जहाँ फर्क हो, वहाँ कारण भी बताना होता है।
FY 2020-21 से GSTR-9C self-certified हो गया है। अब CA या Cost Accountant से certify कराना जरूरी नहीं — कारोबारी खुद certify कर सकता है।
Aksar puche jaane wale sawal
- क्या तारीख आगे बढ़ेगी?
- पिछले कुछ सालों में CBIC ने notification के जरिए तारीख बढ़ाई है, और इस बार भी बढ़ सकती है। लेकिन extension की उम्मीद में योजना बनाना जोखिम भरा है। 31 दिसंबर मानकर चलिए — बढ़ गई तो अच्छा ही है।
- Turnover ₹2 करोड़ से कम है, फिर भी भर दूँ?
- भर सकते हैं, लेकिन सोच-समझकर। एक बार भर दिया तो revise नहीं होगा, और गलती हो जाने पर बेवजह दिक्कत खड़ी हो सकती है। जरूरत न हो तो न भरना ही ठीक है।
- साल के बीच में GST registration लिया था, तो?
- Turnover उतने ही समय का गिना जाएगा जितने समय registration रहा। अगर वह ₹2 करोड़ पार करता है, तो GSTR-9 भरना होगा।
- GSTR-9 में नई ITC claim कर सकते हैं?
- नहीं। GSTR-9 सिर्फ साल भर के आँकड़ों का सारांश है। छूटी हुई ITC इसमें नहीं ली जा सकती।
- कोई GSTIN में कारोबार नहीं हुआ, तब भी भरना है?
- अगर PAN का कुल turnover limit से ऊपर है और वह GSTIN active है, तो उसका NIL annual return भी भरना होता है।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है और इसे professional tax advice नहीं माना जाना चाहिए। GST के नियम, तारीखें और late fee की दरें notification के जरिए बदलती रहती हैं। कोई भी निर्णय लेने से पहले gst.gov.in पर आधिकारिक जानकारी देखें या किसी qualified professional से सलाह लें। FilingSaathi इस जानकारी के आधार पर लिए गए किसी भी निर्णय के लिए जिम्मेदार नहीं है।
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