GST Invoice Format 2026: 16 ज़रूरी Fields और 1 अगस्त से नया नियम
अगर आपका GST registration है, तो हर taxable supply पर invoice बनाना आपकी legal ज़िम्मेदारी है — ये कोई formality नहीं है। और सबसे बड़ी बात: आपका invoice सिर्फ़ आपका document नहीं है। आपके buyer का Input Tax Credit (ITC) उसी पर टिका है। एक field छूट गई, तो buyer का credit अटक सकता है, और अगली बार वो order किसी और को देगा। इस guide में हम पूरा GST invoice format समझेंगे — Rule 46 की सारी ज़रूरी fields, invoice number के नियम, HSN code, time limit, e-invoicing की limit, और 1 अगस्त 2026 से आने वाला एक नया बदलाव जिसकी तैयारी अभी से करनी है। ⚠️ सबसे पहले: 1 अगस्त 2026 से Ship-To GSTIN अनिवार्य GSTN ने 17 जून 2026 की advisory में साफ़ किया है कि Bill-To/Ship-To transactions में, जहाँ e-way bill बनता है, वहाँ Ship-To GSTIN देना ज़रूरी होगा। ये पहले 15 जून 2026 से लागू होना था, लेकिन trade bodies और ERP vendors की माँग पर तारीख़ बढ़ाकर 1 अगस्त 2026 कर दी गई है। नीचे पूरी detail है। Tax Invoice और Bill of Supply — पहले ये फ़र्क़ समझिए बहुत से छोटे व्यापारी यहीं गड़बड़ करते हैं...