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₹50,000 se Zyada Kiraya? Aapko TDS Kaatna Hai — Section 194-IB Guide

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अगर आप ₹50,000 से ज्यादा महीने का किराया देते हैं, तो कानून के हिसाब से आपको मकान मालिक को पैसा देने से पहले TDS काटना है — और सरकार को जमा करना है। यह salaried लोगों पर भी लागू है। कोई business न हो, तब भी। Section 194-IB 2% ₹50,000 से ऊपर महीने के किराये पर TAN की जरूरत नहीं, सिर्फ PAN चाहिए ज्यादातर किरायेदारों को यह पता ही नहीं चलता — जब तक notice न आ जाए। Aap par lagu hai ya nahi? तीन बातें — तीनों सही हैं तो आप पर लागू है 1 आप individual या HUF हैं, और tax audit के दायरे में नहीं आते 2 महीने का किराया ₹50,000 से ज्यादा है 3 मकान मालिक resident है (NRI के लिए अलग नियम है) ठीक ₹50,000 पर TDS नहीं लगता — ₹50,000 से ऊपर होने पर लगता है। यानी ₹49,999 पर कुछ नहीं, ₹50,001 पर लागू। एक बड़ी राहत इसके लिए TAN लेने की जरूरत नहीं । आपका अपना PAN और मकान मालिक का PAN — बस इतना काफी है। Sabse badi galatfehmi: har mahine nahi kaatna यह वह गलती है जो सबसे ज्यादा होती है। TDS साल में सिर्फ ए...

Property पर TDS कैसे भरें? Form 26QB Guide — ₹50 लाख से ऊपर घर खरीदा तो (2026)

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अगर आप ₹50 लाख या उससे ज़्यादा की property ख़रीद रहे हैं, तो एक बात जो ज़्यादातर buyers को पता ही नहीं होती: TDS काटना और सरकार को जमा करना आपकी ज़िम्मेदारी है — seller की नहीं। ये काम Form 26QB से होता है। समय पर न किया तो हर दिन ₹200 की late fee और notice तक आ सकता है। ये guide आपको आसान भाषा में बताएगी — कब काटना है, कितना, कैसे जमा करना है, और seller को क्या देना है। Property पर TDS — क्या है ये नियम? (Section 194-IA) Income Tax Act की Section 194-IA कहती है: जब भी कोई व्यक्ति किसी resident seller से ₹50 लाख या ज़्यादा की immovable property (घर, flat, commercial, ज़मीन — agricultural land छोड़कर) ख़रीदता है, तो buyer को payment में से 1% TDS काटकर सरकार को जमा करना होता है। बाक़ी 99% seller को दिया जाता है, और वो 1% Form 26QB के ज़रिए सरकार के पास जमा होता है। ये seller के PAN में credit हो जाता है, जिसे वो अपनी ITR में claim करता है। सबसे बड़ी ग़लतफ़हमी बहुत से buyers सोचते हैं कि TDS का काम seller या builder देख लेगा। ग़लत...

Form 26AS और AIS कैसे Check करें? ITR भरने से पहले ये ज़रूर देखें | 2026 Guide

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ITR file करने गए और बाद में Income Tax Department का notice आया — "आपकी income जो आपने declare की है और हमारे record में जो income दिख रही है, दोनों match नहीं कर रही।" ये notice इसलिए आता है क्योंकि आपने ITR भरने से पहले Form 26AS और AIS check नहीं किया। ये दो documents आपके tax का "report card" हैं — इनमें वो सब दिखता है जो Income Tax Department को आपके बारे में पहले से पता है। ITR भरने से पहले इन्हें check करना उतना ही ज़रूरी है जितना exam से पहले syllabus देखना। 31 July 2026 ITR deadline नज़दीक है — आज ही check कर लीजिए। Form 26AS, AIS और TIS — तीनों क्या हैं? 📄 Form 26AS Tax Credit Statement — इसमें दिखता है: TDS (employer, bank, client ने काटा) TCS (seller ने collect किया) Advance Tax (आपने भरा) Self-Assessment Tax Refund details कहाँ ...