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MSME Payment 45 Days Rule: Payment नहीं मिला? Complaint कैसे करें | Section 43B(h) Guide (2026)

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आपने माल supply किया, service दी, invoice भेजा — लेकिन payment 2 महीने, 3 महीने, 6 महीने हो गए, अभी तक नहीं आया। Buyer कह रहा है "अगले हफ़्ते", "अगले month" — और आप waiting में बैठे हैं। ये problem हर MSME owner face करता है। लेकिन शायद आपको ये नहीं पता — कानून आपके साथ है। MSMED Act 2006 कहता है कि buyer को 45 दिन के अंदर payment करना होगा, नहीं तो compound interest देना पड़ेगा। और 2024 से Income Tax Act में भी एक नया rule आया है जो buyer को और ज़्यादा मजबूर करता है। आज हम बताएंगे — ये rule क्या है, complaint कैसे करें, कितना interest मिलेगा, और buyer को क्या penalty लगेगी। 45-Day Payment Rule क्या है? MSMED Act 2006 की Section 15 कहती है: स्थिति Payment Deadline Written agreement है buyer-supplier के बीच Agreement में ...

Udyam Registration कैसे करें? 10 मिनट में FREE MSME रजिस्ट्रेशन | Step by Step Guide 2026

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अगर आप कोई भी छोटा बिज़नेस चलाते हैं — दुकान हो, सर्विस हो, मैन्युफैक्चरिंग हो — और अभी तक उद्यम रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, तो आप बहुत कुछ मिस कर रहे हैं। बिना उद्यम के आपको कोई गवर्नमेंट स्कीम नहीं मिलेगी। ना मुद्रा लोन, ना CGTMSE, ना PMEGP सब्सिडी — कुछ नहीं। और सबसे बड़ी बात — ये बिल्कुल फ्री है । एक रुपया नहीं लगता। 10 मिनट में हो जाता है। चलिए स्टेप बाय स्टेप समझते हैं। उद्यम रजिस्ट्रेशन होता क्या है? सीधी भाषा में — ये आपके बिज़नेस की गवर्नमेंट आईडी है। जैसे आपके पास आधार कार्ड है अपनी पहचान के लिए, वैसे ही आपके बिज़नेस का आधार है उद्यम रजिस्ट्रेशन। पहले इसको उद्योग आधार कहते थे। 2020 में गवर्नमेंट ने सिस्टम बदला और अब इसे उद्यम रजिस्ट्रेशन कहते हैं। एक बार रजिस्टर करने पर आपको एक परमानेंट उद्यम रजिस्ट्रेशन नंबर (URN) मिलता है और एक ई-सर्टिफिकेट — लाइफटाइम वैलिड, रिन्यू नहीं करना पड़ता। किसको करना चाहिए? अगर आपका बिज़नेस इन कैटेगरी में आता है तो ये ज़रूर करवाना चाहिए: माइक्रो एंटरप्राइज़: इन्वेस्टमेंट ₹1 करोड़ तक + टर्नओवर ₹5 करोड़ तक स्मॉल एंटरप्राइज़: इन्वेस्टम...